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Prasav Gyan aur Shishu Palan [Hindi] Pages:175 आरतीय आध्यात्म का मुख्य विषय Author:Shrikant Prasoon ध म म नह Yogas in Astrology [English] KAB1431

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Description

Prasav Gyan aur Shishu Palan [Hindi] Pages:175 आरतीय आध्यात्म का मुख्य विषय Author:Shrikant Prasoon ध म म नह Yogas in Astrology [English] KAB1431 आरतीय आध्यात्म का मुख्य विषय है योग और तंत्र इस विश्व भ्रमांड में में दो सत्ताएं है आत्मपरक सत्ता और वस्तुपरक सत्ता पहली आतंरिक है और दूसरी सत्ता बाह्य हैं। आत्मपरक सत्ता का संबंध अंतर्जगत से है और जिसका विषय है आत्मा इसी प्रकार वस्तुपरक सत्ता का संबंध है बहिर्जगत से यानी भौतिक जगत से और जिसका विषय है मन आत्मा और मन दो सत्ताओं की तरह इस विश्व ब्रह्माण्ड में एक मूल तत्त्व भी है जिसे आध्यात्मिक भाषा में परमतत्व भी कहते हैं। और उस परमतत्व के दो रूप हैं आत्मा और मन लेकिन दोनों का स्वभाव भिन्न भिन्न है आत्मा स्थिर है स्थिरता और साक्षी भाव उसका गुण जबकि मन है अस्थिर अस्थिरता और चंचलता उसका गुण है भृगु सरल पद्धति पुस्तक में इस प्रकार के कई उदाहरण दिए गये है l

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